संसार में तू, निर्वस्त्र ही आया, प्रकृति ने पाला, उसी का अन्न खाया। संसार में तू, निर्वस्त्र ही आया, प्रकृति ने पाला, उसी का अन्न खाया।
हम बच्चे थे तो ही अच्छे थे। हम बच्चे थे तो ही अच्छे थे।
काटे हैं लम्हें, बिन ज़ख्मों को गिन, पर अच्छे कट गए, कट गए जो थे उल्फत के दिन, पर अच्छे कट गए।। काटे हैं लम्हें, बिन ज़ख्मों को गिन, पर अच्छे कट गए, कट गए जो थे उल्फत के दिन, ...
बहुत कुछ देता है परंतु साथ नहीं देता है। बहुत कुछ देता है परंतु साथ नहीं देता है।
जैसे हैं आप अच्छे हैं आप अपने जैसा बने मत हो जाए इतना ही बहुत है। जैसे हैं आप अच्छे हैं आप अपने जैसा बने मत हो जाए इतना ही बहुत है।
क्योंकि प्यार उनसे हुआ जो सच्चे नहीं है। क्योंकि प्यार उनसे हुआ जो सच्चे नहीं है।